सूरत त्रासदी: फायर ब्रिगेड की नाकामी की वजह से गई बच्चों की जान !

सूरत त्रासदी: फायर ब्रिगेड की नाकामी की वजह से गई बच्चों की जान !

इमारत से महज 2 किमी दूर होने के बावजूद फायर ब्रिगेड 40-45 मिनट लेट पहुंची

गुजरात के सूरत में एक कोचिंग सेंटर में शुक्रवार दोपहर को लगी भीषण आग में कम से कम 20 लोगों, ज्यादातर छात्रों की मौत हो गई है। पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार किया है जो ट्यूशन क्लासेस संचालित करता था और कोचिंग सेंटर के मालिक और कॉम्प्लेक्स के बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज भी किया।
सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा, “सूरत में कल हुई आग में 20 लोगों की मौत हो गई है और 20 से अधिक घायल हो गए हैं। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।”

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने बताया कि घायल छात्रों में से दो वेंटिलेटर पर थे और पांच को आईसीयू में भर्ती कराया गया था।

अधिकारियों ने कहा कि आग कथित तौर पर आंतरिक डिजाइन कोचिंग सेंटर की सीढ़ी के पास लगी और शहर के सरथाना क्षेत्र में तक्षशिला आर्केड नामक इमारत की शीर्ष दो मंजिलों में फैल गई। उन्होंने कहा कि आग लगने पर लगभग 50 या 60 लोग इमारत के अंदर थे।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “धुआं था। मुझे नहीं पता था कि मुझे क्या करना है। मैंने सीढ़ी ली और सबसे पहले बच्चों को बाहर निकालने में मदद की। मैं 8-10 लोगों को बचाने में सफल रहा। बाद में मैं दो और छात्रों को बचाने में सफल रहा।” ।

उन्होंने कहा कि इमारत से महज 2 किमी दूर होने के बावजूद फायर ब्रिगेड को 40-45 मिनट लग गए। इमारत से छुड़ाई गई एक लड़की के पिता ने भी उनकी प्रतिक्रिया के समय पर सवाल उठाया। “आग लगने पर मेरी बेटी इमारत के अंदर थी। फायर स्टेशन से फायर ब्रिगेड, जो 2 किमी से अधिक दूर नहीं है, को आने में लगभग 45 मिनट लगे।

एक अन्य गवाह, अजय पटेल, जिनके कार्यालय में आग लगने वाली इमारत के विपरीत है, ने कहा कि फायर ब्रिगेड के तैयार ना होने के वजह से आग ज्यादा प्रचंड हो गया। “उनके पाइप का दबाव लौ को कम करने के लिए बहुत कम था,” उन्होंने कहा।

सोशल मीडिया पर गवाहों द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में कई छात्रों को आग से बचने के लिए चार मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर खिड़कियों से बाहर कूदते दिखाया गया। ज्यादातर छात्रों की उम्र 15 से 21 साल के बीच बताई जा रही है। कथित तौर पर आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी।

 

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने जांच का आदेश दिया है और त्रासदी में मारे गए छात्रों के परिवारों को 4 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की है।

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