पुलिस के हत्थे चढ़ा बारहवीं फेल IPS अधिकारी

पुलिस के हत्थे चढ़ा बारहवीं फेल IPS अधिकारी

वैसे तो IPS अधिकारी बनने के लिए कड़ी मेहनत और कठिन परीक्षाओं से गुज़रना पड़ता है, लेकिन हालही में एसओजी ने एक युवक को पकड़ा जो खुद को आईपीएस बता ता था और इतना ही नहीं, कई इवेंट्स में बतौर चीफ गेस्ट भी जाता था जहाँ वो खुद को एक आईपीएस ऑफिसर बता कर सबकी वाह-वाही भी बटोरता था।

पकड़े गए इस शख्स का नाम अभय मीणा है। 12वीं फेल यह फर्जी आईपीएस युवाओं, बारहवीं, आईआईटी, यूपीएससी परीक्षाओं में सम्मलित होने वाले छात्रों को जीवन में चुनौतियों का सामना करने से संबंधित उपदेश देता था।

फर्जी आईपीएस सवाईमाधोपुर के पिलोदा गांव का रहने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि उसे एसओजी ने जगतपुरा के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया। एएसपी करन शर्मा ने बताया कि बीस साल का यह युवक लोगों को प्रेरित करता था कि कोई भी कम उम्र में आईपीएस बन सकता है।

थ्री स्टार लगी गाड़ियों से घूमता था
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी शहर में थ्री स्टार लगी प्राइवेट गाड़ी लेकर घूमता था। इस गाड़ी से डीजी या एडीजी रैंक के अधिकारी ही चलते हैं। एसओजी ने आरोपी के कब्जे से आईपीएस की वर्दी, सीआईडी-सीबी का जाली कार्ड व तीन तारे लगी एक प्राइवेट गाड़ी, वायरलेस सेट और तीन एयरगन बरामद किए हैं।

 

 

ऐसे खुली पोल

इस फर्जी आईपीएस का गोरखधंधा कई वर्षों से चल रहा था।लेकिन इसकी पोल तब खुली जब ये चंडीगढ़ में एक समारोह में पहुंचा और इसे बतौर आईपीएस सम्मानित किया गया। इस समारोह में बेबाक की टीम भी मौजूद थी ,उम्र में छोटे दिखते इस यंग आईपीएस अधिकारी ( अभय मीणा ) को देख कर बेबाक की टीम ने इससे जब बात कर इनके बारे में  पूछा तो अभय ने बताया की वह 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और जयपुर में बतौर A.C.P, C.I.D में काम करते हैं।

समारोह के आयोजितकर्ता भी नहीं जानते थे सच!

बतादें कि ये चंडीगढ़ में ‘वुमेन एचीवर अवार्ड ‘ समारोह में हिस्सा लेने आया था, इस समारोह की आयोजितकर्ता , मोनिका जी बताती हैं कि इनको अभय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि, राजिंदर कपूर (वरिष्ठ मुख्य वार्डन नागरिक सुरक्षा) ने इन्हे इस इवेंट में बुलाया था और राजिंदर जी से अभय की मुलाक़ात फेसबुक पर हुई जहाँ अभय ने खुद इस इवेंट में सम्मिलित होने की इच्छा जताई। वैसे अगर कोई भी अभय मीणा की फेसबुक प्रोफाइल देखता तो उसे भी लगता की सच में ये कोई आईपीएस अधिकारी होगा क्यूंकि इसकी प्रोफाइल पुलिस वालों के साथ खींची हुई तस्वीरों से भरी पड़ी है जहाँ पुलिस वाले इसको सलूट करते दिख रहे हैं।

मोनिका जी आगे बताती हैं कि संदेह होने पर जब उन्होंने अभय से उनका आईडी कार्ड माँगा तो पहले उसने कहा की वह ख़ुफ़िया एजेंसी का पार्ट है और बाद में यह कह कर टाल दिया कि उस्को 2017 में निलम्भित करदिया गया था। उसका बातों को घुमाना अंदेशा था कि कुछ तो गलत है।

सिर्फ मोनिका ही नहीं, बेबाक की टीम को भी इसकी बातें अटपटी लगी।  इनकी उमर और 2016 बैच की कहानी बेबाक की टीम को रास नहीं आई जिसके बाद उच्च अधिकारीयों व C.I.D के हेडक्वार्टर्स से पड़ताल करने पर सामने आया कि अभय मीणा नाम का कोई आईपीएस है ही नहीं। इसके इलावा जब बेबाक ने अपनी तरफ से 2015 से 2017 तक के आईपीएस अधिकारीयों की लिस्ट निकाली तो भी इसका नाम नहीं मिला जिसके बाद ये साफ़ हो गया की दाल में कुछ काला है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुँचाया गया जहाँ इन्वेस्टीगेशन के बाद अभय मीणा को जयपुर में हिरासत में ले लिया गया।

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COMMENTS

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  • Umesh dutt 2 years

    Wao bebak team! Good job

  • Kartik Sethi 2 years

    Bebak work done by Bebak team. Good job…. Keep doing these kind of things so that these fools can’t do things like these…. Hahaha but patander mze le gya c???

  • Harry 2 years

    waa police ko b nai pata IPS kon asli kon nakli

  • deepanshu 2 years

    im more disgusted by the police officers and people who believed in shit he had to give. most funniest part. he called himself to be ACP of CID and age is 20 years. lol but he didnt knoew there is no such post in CID. tv show jada dekh liya isne.

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