चुनाव 2019 – “डरो मत”: राहुल गांधी का “फेक एग्जिट पोल” पर पार्टी को  संदेश

चुनाव 2019 – “डरो मत”: राहुल गांधी का “फेक एग्जिट पोल” पर पार्टी को संदेश

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के नतीजों से पहले आए विभिन्न एग्जिट पोल में भाजपा नीत राजग (NDA) को बहुमत मिलने का अनुमान जताए जाने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे ‘फर्जी एग्जिट पोल’ से निराश नहीं हों और सतर्क रहें. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के लोग खुद और पार्टी पर विश्वास रखें क्योंकि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के प्रिय कार्यकर्ताओं, अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं. सतर्क और चौकन्ना रहें. डरे नहीं. आप सत्य के लिए लड़ रहे हैं. फर्जी एग्जिट पोल के दुष्प्रचार से निराश न हों. खुद पर और कांग्रेस पार्टी पर विश्वास रखें, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी. जय हिन्द.’
कांग्रेस पार्टी के प्रिय कार्यकर्ताओं।

अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं। सतर्क और चौकन्ना रहें। डरे नहीं। आप सत्य के लिए लड़ रहे हैं । फर्जी एग्जिट पोल के दुष्प्रचार से निराश न हो। खुद पर और कांग्रेस पार्टी पर विश्वास रखें, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।

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वहीं, एग्जिट पोल में कांग्रेस को उसके उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिलने का अनुमान जताया गया है, हालांकि जानकारों का मानना है कि पार्टी अगर 100 का आंकड़ा पार करती है तो यह उसके और अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए थोड़ी सहज स्थिति हो सकती है. वैसे, पिछले लोकसभा चुनाव में अर्श से फर्श पर पहुंचने के बाद इस बार सीटों का शतक लगाना कांग्रेस के लिए निश्चित तौर पर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है. दूसरी तरफ डेढ़ साल पहले पार्टी की कमान संभालने वाले राहुल की नेतृत्व क्षमता की परीक्षा भी है, हालांकि, पार्टी का मानना है कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी.

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कांग्रेस 2014 के आम चुनाव में 44 सीटों पर सिमट गई थी। वह पार्टी का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन था. चुनाव पूर्व और चुनाव बाद के सर्वेक्षणों में कांग्रेस की सीटों में इजाफे़ की बात की जा रही है, हालांकि पार्टी के आसानी से सत्ता तक पहुंचने का कोई पूर्वानुमान नहीं है. जानकारों की मानें तो कांग्रेस के लिए सहज स्थिति यह होगी कि वह 100 के आंकड़े तक पहुंचे, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी कुछ हद तक सवाल खड़े होने लगेंगे।

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