अब ‘बुर्के ‘पर घमासान, नेता बोले  इसकी आड़ में पनप रहा आतंकवाद

अब ‘बुर्के ‘पर घमासान, नेता बोले इसकी आड़ में पनप रहा आतंकवाद

बुर्के पर छिड़ी सियासी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक संगीत सोम ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने बुर्के पर तुरंत बैन लगाने की मांग की है. उत्तर प्रदेश के सरधना से विधायक संगीत सोम ने कहा कि बुर्के की आड़ में आतंकवाद पनप रहा है.

फेसबुक पर अपने एक वीडियो पोस्ट में बीजेपी विधायक ने कहा कि श्रीलंका जैसे देश में बुर्के की आड़ में कई सौ लोगों की हत्या की गई है. आतंकवाद जैसे बुर्के की आड़ में पनप रहा है. संगीत सोम का बयान ऐसे समय आया है जब शिवसेना ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देशहित में बुर्का और नकाब पर बैन लगाने की मांग की थी.

शिवसेना ने कहा था कि इस्लामिक आतंकवाद की वजह से श्रीलंका में 400 लोगों की बलि चढ़ गई.  शिवसेना की इस मांग के बाद देश में बुर्के को लेकर एक नई बहस छिड़ गई. हालांकि बीजेपी ने शिवसेना के इस मांग का विरोध किया और कहा कि भारत में बुर्के पर बैन की कोई जरूरत नहीं है. भले ही बीजेपी बुर्के को लेकर अपना रुख साफ कर चुकी है लेकिन उसके नेताओं का बयान जारी है.

संगीत सोम ने आगे कहा कि लोकतंत्र पर बुर्के की आड़ में हमला हो रहा है. फर्जी वोटिंग हो रही है. उन्होंने पिछले दिनों घूंघट को लेकर जावेद अख्तर के बयान पर उनका नाम लिए बगैर कहा कि एक फिल्मकार और लेखक ने घूंघट को बैन करने की बात कही है, लेकिन पूछना चाहता हूं कि क्या कभी घूंघट में आतंकवाद हुआ है. क्या आप यह भूल जाते है कि आप ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं जो आतंकवाद का साथ देते हैं. आप उनके लिए प्रचार करने जाते हैं.

बता दें कि हाल ही में जावेद अख्तर ने भोपाल में एक इवेंट के दौरान बुर्के और घूंघट पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि श्रीलंका में बुर्के पर प्रतिबंध नहीं लगा, बल्कि चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा है. अगर भारत में बुर्के पर प्रतिबंध लगता है तो केंद्र सरकार राजस्थान में मतदान से पहले घूंघट पर प्रतिबंध लगाए. मुझे खुशी होगी अगर घूंघट और बुर्का दोनों ही नहीं होंगे.

संगीत सोम से पहले बीजेपी की और नेता ने बुर्के पर बैन का समर्थन किया था. भोपाल सीट से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि किसी कारण से अगर कोई इस माध्यम का लाभ उठाते हैं और इससे देश को नुकसान पहुंचता हो, लोकतंत्र खतरे में हो या फिर सुरक्षा खतरे में हो तो ऐसी परंपराओं में थोड़ी ढील देनी चाहिए. कानून के जरिए बैन लगाया जाए इससे अच्छा है कि वो खुद ही इस पर फैसला लें. अगर कोई इसके लिए जरिए गलत काम करता है तो उनका ही पंथ बदनाम होगा.

शिवसेना द्धारा बुर्के के बैन की मांग पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया था. उन्होंने कहा कि घूंघट पर प्रतिबंध कब लगाओगे.  असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि शिवसेना को पहले सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ना चाहिए. उन्हें पता होना चाहिए कि यह हर किसी का मौलिक अधिकार है. ओवैसी ने घूंघट का जिक्र करते हुए कहा कि वे घूंघट हटाने के बारे में क्या कहेंगे. अगर सुरक्षा को लेकर मामला है तो साध्वी प्रज्ञा और अन्य लोगों ने हमला करने के लिए क्या पहना था.

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